Divya Bharti: इस हिट अभिनेत्री का जीवन क्या लव जिहाद का शिकार हुआ था – ये सवाल इसलिये पैदा होता है कि उनके केस में निकाह भी था और मौत भी..
दिव्या भारती ने एक मुस्लिम से निकाह किया और कुछ महीने बाद ही उनकी मृत्यु हो गई। इस केस को कभी लव जिहाद के एंगल से नहीं देखा गया। मगर कुछ ऐसे बिंदु हैं, जिन्हें मिलाने पर लव जिहाद की आशंका सही मालूम पड़ती है।
दिव्या भारती वो अभिनेत्री थी जिसने केवल 16 साल की उम्र से फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। उनकी पहली फिल्म नील पन्नई 1990 में रिलीज हुई एक तमिल फिल्म थी। उसके बाद 1992 तक कई तमिल और तेलुगू फिल्मों में काम करने के बाद उनकी पहली हिन्दी फिल्म ‘विश्वात्मा’ भी, 1992 में हीं रिलीज हुई। फिर वो रातोंरात अपनी सुंदरता के कारण एक सेंसेशन बन गईं। जैसे अभी महाकुंभ में मोनालिसा बनी थी।
दिव्या भारती की हिन्दी फिल्मों में विश्वात्मा (1992), दिल का क्या कसूर (1992), शोला और शबनम (1992), दीवाना (1992), बलवान (1992), जान से प्यारा (1992), दिल हीं तो है (1992), दुश्मन जमाना (1992), गीत (1992), दिल आसान है (1992), थीं, ये सभी हिन्दी फिल्में एक ही वर्ष में याने 1992 में रिलीज हुई थीं।
इसके अलावा उनकी तेलुगू और तमिल फिल्में अलग थीं। 1993 में उनकी फिल्म क्षत्रिय, उनके जीते जी 26 मार्च को रिलीज हुई और कुछ दिनों के बाद 5 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई। उनकी दो फिल्में रंग और शतरंज उनकी मृत्यु के बाद रिलीज हुई थीं।

इसके अलावा 1995 तक रिलीज होने वाली कई फिल्में उन्होंने साइन कर रखी थी। जैसे धनवान (1993); इसमें उनकी जगह करिश्मा कपूर ने बाद में काम किया, लाडला (1994) में श्रीदेवी ने, मोहरा (1994) में रवीना टंडन ने, दिलवाले (1994) में रवीना टंडन ने, विजयपथ (1994) में तब्बू ने, आंदोलन (1995) में ममता कुलकर्णी ने, कर्तव्य (1995) में जूही चावला ने, हलचल (1995) में काजोल ने और अंगरक्षक (1995) में पूजा भट्ट ने काम किया।
मतलब दिव्या भारती के सामने एक बहुत ही सफल फिल्मी कैरियर था। उनकी शुरुआत बहुत शानदार हुई थी। उन्होंने अभिनय अच्छा किया था और उनको फिल्में भी अच्छी मिली थीं। मगर इसी बीच उन्होंने वो गलती कर दी, जो कोई एक्ट्रेस अपने 30 के उम्र में भी करने से डरती है- शादी। जी हां, 1992 में ही महज 18 साल की उम्र में वो साजिद नाडियाडवाला नामक एक मुस्लिम युवक के प्रेमजाल में फंस गईं। वो उस व्यक्ति के इतने प्रभाव में आ गईं कि उन्होंने उससे निकाह करने के लिये अपना धर्म परिवर्तन भी कर लिया।
आज के दौर में मोनालिसा जब महाकुंभ में प्रसिद्ध हुई तो एक खास निशाना लगाने वाले नेटवर्क ने उस पर काम करना शुरू कर दिया। केरल में जा कर उसके 18 साल के होने से पहले हीं उसकी शादी एक मुस्लिम युवक से हो गई।
ऐसे हीं सेन्सेशनल फेस के साथ दिव्या भारती ने उस समय बॉलीवुड में तब धूम मचा दी थी। ‘शोला और शबनम’ फिल्म के सेट पर साजिद नाडियाडवाला गोविन्दा से मिलने गया था, तभी उसे पहली बार दिव्या भारती दिखी थी। उसके कुछ महीनों के भीतर हीं साजिद ने दिव्या को प्यार में फंसा कर शादी भी कर ली।
इस शादी साजिशाना थी इस बात से ही समझ में आथा है कि छिपकर इसको अन्जाम दिया गया था। किसी को इसकी भनक भी नहीं लगने दी गई थी, यहाँ कि दिव्या भारती के मां बाप तक को नहीं बताया गया।
निकाह के पहले पहले दिव्या का बाकायदा धर्म परिवर्तन करवाया गया था और उसे मुस्लिम बनाया गया था। उसका इस्लामी नाम ‘सना’ रख दिया गया। फिर उसके साथ निकाह को अन्जाम दिया गया। शादी के बाद कई महीनों तक दिव्या ने अपने मां बाप को अपनी शादी के बारे में नहीं बताया। फिर दीवाली के मौके पर पहली बार साजिद दिव्या के मां बाप से मिला। यहां तक अगर आप मामला समझ चुके हैं तो इसके आगे की कहानी पर थोड़ा ध्यान दीजियेगा।
साजिद नाडियाडवाला एक फिल्म प्रोड्यूसर है। दिव्या से जब वो पहली बार मिला था, तब उसकी प्रोड्यूस की हुई एक भी फिल्म रिलीज नहीं हुई थी। मतलब वो कोई जाना पहचाना नाम नहीं था। वो गोविंदा और धर्मेंद्र के साथ एक फिल्म बना रहा था ‘जुल्म की हुकूमत’, जो उसकी पहली फिल्म थी और वो 1992 में ही रिलीज हुई।
ऐसे में सवाल ये उठता है कि दिव्या भारती ने उसमें ऐसा क्या देखा कि उन्होंने अपने फिल्मी करियर को दाँव पर लगा कर उससे शादी कर ली?
दरअसल साजिद नाडियाडवाला एक प्रसिद्ध फिल्मी परिवार से आता है। उसका दादा एके नाडियाडवाला पहले मुंबई आगया था और उसने फ़िल्में बनानी शुरू कर दी थीं। उसकl पिता भी फिल्में बनाता था। अर्थात साजिद नाडियाडवाला एक अमीर फिल्मी परिवार का वारिल था। और हो सकता है इसी कारण से दिव्या उसकी ओर आकर्षित हुई हो।
1990 के दौर में हिन्दू परिवारों के बच्चों को लव जिहाद का मतलब भी पता नहीं होता था। मगर लवजिहाद करने वाले हमेशा से इस तरकीब को अपना कर सुन्दर से सुंदर हिन्दू लड़कियों को इस्लाम में कन्वर्ट करके उनसे मुस्लिम बच्चे पैदा करते रहे।
फेमस चेहरों को तो विशेष रूप से टारगेट किया जाता है ताकि उसे जानने वाली और भी लड़कियां उससे प्रभावित हो कर मुस्लिम लड़कों से शादी करे और उनके मजहब को फैलाने में मदद करें। भला हो तकनीक का, इंटरनेट के आने के बाद हिन्दू बच्चों को लव जिहाद और इस्लाम के मंसूबों के बारे में पता चला।
शादी के बाद दिव्या को फिल्मों में काम करने से मना किया गया होगा, जैसा कि अधिकांश मुस्लिम, हिन्दू लड़कियों को कन्वर्ट करने के बाद किया जाता है। रिद्धि जादव के साथ उसके प्रेमी अदनान शेख ने आज क्या किया है, ये हम जानते हैं। इसके अलावा अनेकों फिल्म और टीवी एक्ट्रेसेस के साथ ऐसा ही होता आया है।
उदाहरण के तौर पर अयाशा टाकिया, उर्मिला मांतोडकर, संगीता बिजलानी आदि हिन्दू एक्ट्रेसेस ने मुस्लिम युवकों से शादी के बाद फिल्म करना बंद कर दीं। एक प्रतिष्ठित मुस्लिम खानदान की बहू बुर्के में रहती है। वो फिल्मों में काम करे ये किसी भी खानदानी मुस्लिम परिवार को स्वीकार नहीं होता है। ऐसे में दिव्या भारती के लिये भी यही स्थिति रही होगी – एक तरफ शानदार फिल्मी करियर और दूसरी तरफ फिल्म छोड़कर नाडियाडवाला परिवार की बहू बनकर रहना – वो दबाव में ही रही होगी।
दिव्या इस दवाब को जरूर झेल रही होगी क्योंकि लव जिहाद के 200 से भी अधिक मामलों की स्टडी करके ये पता चला है कि कनवर्ट होने के बाद बुर्के में ही कैद कर दिया जाता है हिन्दू बेटी को। अधिकांश मामलों में शादी के बाद लड़की की आजादी को कम करके उसे बुर्के के साथ नमाज पढ़ने और रोजा रखने आदि के लिए दबाव बनाया जाता है।
दिव्या भारती शादी करके फंस चुकी थी क्योंकि उस समय हिन्दूधर्मविरोधी कांग्रेसियों के शासन में बॉलीवुड में इस्लामिक अंडरवर्ल्ड का प्रभाव बहुत कायम था। जानबूझ कर मुस्लिम हीरो के साथ केवल हिन्दू हीरोइन को कास्ट किया जाता था। शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान, सैफ अली खान जैसे बड़े सुपरस्टार नब्बे के दशक के दौरान ही सामने आए।
मगर तब्बू को छोड़ कर एक भी मुस्लिम अभिनेत्री उस दौर में फिल्मों में नहीं चल पाई। क्योंकि मुस्लिम लड़कियों को अंडरवर्ल्ड के इशारों पर काम ही नहीं दिया जाता था। तो जहां किसी सामान्य मुस्लिम परिवार की लड़की को फिल्मों में काम नहीं करने दिया जाता था, वहां नाडियाडवाला जैसे प्रसिद्ध मुस्लिम परिवार की बहू फिल्मों में नाच गाना करेगी, ये कैसे बर्दाश्त किया जा सकता था।
इस तरह के दबावों में दिव्या भारती ने आत्महत्या की या वो फिल्में छोड़ने को तैयार नहीं थीं या उन्हें इश तरह बुर्के में कैद हो कर घर में जीना मंजूर नहीं था – इसलिए उनकी हत्या करवा दी गई? इन सवालों का जवाब क्या है ये किसी को नहीं पता।
दिशा सालियान की तरह ही मुंबई पुलिस ने इस केस को एक्सीडेन्ट बताकर क्लोज कर दिया। साजिद नाडियाडवाला ने उसके बाद साल 2000 में वार्दा खान नामक एक मुस्लिम लड़की से निकाह कर लिया और आज उसके दो बेटे हैं।
(कामना पटेल)




