7.8 C
New York
Thursday, January 15, 2026

Buy now

spot_img

Year End Resolutions: साल को विदा ऐसे करें कि जीवन बदल जाए – अपने निजी ‘रिचुअल्स’ से हर दिन को बनाएँ विशेष

Year End Resolutions: याद रखिये, रूटीन नहीं, रिचुअल होते हैं — जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी को ऊँचाई देते हैं..

हर साल का अंत आते ही हम पीछे मुड़कर देखते हैं – क्या पाया, क्या खोया और आगे क्या बदलना है। लेकिन सवाल यह नहीं कि साल कैसे खत्म हुआ, सवाल यह है कि आपने उसे महसूस कैसे किया?

अक्सर दफ्तरों की साल-अंत पार्टियाँ औपचारिकता बनकर रह जाती हैं, और जो लोग फ्रीलांस या स्व-रोज़गार में हैं, उनके लिए तो साल बिना किसी उत्सव के चुपचाप बदल जाता है। तीन साल पहले लेखिका और उनकी दो सहेलियों को यही खालीपन खला। उन्होंने तय किया कि वे खुद अपना साल-अंत समारोह बनाएँगी। बस यहीं से शुरू हुआ एक निजी रिचुअल – साल के अंत में साथ बैठकर लंच करने का।

आज यह दिन उनके कैलेंडर की सबसे प्रतीक्षित तारीख बन चुका है। वे पहले से किसी खास रेस्तरां को चुनती हैं, छुट्टी बुक करती हैं और उस पल का इंतजार करती हैं – जो उन्हें हर बार यादगार और भावनात्मक रूप से भर देने वाला लगता है।

यही रिचुअल की असली ताकत है।

रिचुअल क्या होते हैं और ये ज़रूरी क्यों हैं?

यदि ट्रांसफॉर्मेशन कोच और लेखिका एरिन कूप की बात करें तो उनका कहना है कि रिचुअल “सोचे-समझे, नियमित और अर्थपूर्ण चुनाव” होते हैं। ये हमें सिर्फ काम करने नहीं, बल्कि ज़िंदगी को जीने का एहसास कराते हैं।

रूटीन जहाँ ज़िम्मेदारी या मजबूरी से जुड़े होते हैं, वहीं रिचुअल मन, भावनाओं और आत्मा को ऊर्जा देते हैं। रिचुअल वो होते हैं जिन्हें हम इसलिए करते हैं क्योंकि हम करना चाहते हैं – न कि इसलिए कि हमें करना चाहिए।

खर्च नहीं, अर्थ तलाशिए

रिचुअल की पहचान दोहराव से नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपे अर्थ से होती है। यह ज़रूरी नहीं कि रिचुअल के लिए पैसा खर्च किया जाए। असली रिचुअल वही है जो अंदर से आपको “भर दे”।

महंगे सेल्फ-केयर प्रोडक्ट्स से कहीं ज़्यादा असरदार वह आदत होती है जिसे आप अपने मन की शांति और संतुलन के लिए अपनाते हैं।

साल भर रिचुअल अपनाएँ

रिचुअल केवल त्योहारों के लिए नहीं होते। एरिन कूप का परिवार हर साल जनवरी में उपहार देने की जगह एक साथ घूमने जाता है – वही उनका पारिवारिक रिचुअल है।

आप भी मासिक डिनर, साप्ताहिक कॉल या दोस्तों के साथ तय समय पर मिलना – इन सबको अपना रिचुअल बना सकते हैं। जब किसी काम को रिचुअल का दर्जा मिल जाता है, तो हम उसे टालते नहीं, बल्कि उसका इंतजार करते हैं।

रिज़ॉल्यूशन नहीं, एक शब्द चुनिए

लंबी-लंबी resolutions बनाने की बजाय एरिन हर साल एक शब्द चुनती हैं – जैसे “शांति”, “स्पष्टता” या “समृद्धि”। वही शब्द पूरे साल उनके निर्णयों का मार्गदर्शन करता है।

यह तरीका सरल है, डराता नहीं, और छोटे-छोटे बदलावों को संभव बनाता है।

अपने भीतर झाँकना भी एक रिचुअल बनाएँ

अगर हमें यह ही नहीं पता कि हमें क्या भरता है और क्या खाली करता है, तो ज़िंदगी में अर्थ कैसे आएगा?

डायरी लिखना, ध्यान करना, बिना मोबाइल टहलना – ये सब आत्म-संवाद के रिचुअल बन सकते हैं। आत्म-जागरूकता आत्म-आलोचना नहीं होती, बल्कि अपने मन को समझने की प्रक्रिया होती है।

ऊर्जा को सोच-समझकर खर्च करें

हर न्योते को स्वीकार करना ज़रूरी नहीं। हर “हाँ” के पीछे आपकी मानसिक और आर्थिक ऊर्जा खर्च होती है। कुछ को “ना” कहना आपको बाकी पलों को पूरी तरह जीने की ताकत देता है।

कूप ने भी यह जाना कि कुछ आदतें सिर्फ मजबूरी थीं – जैसे रोज़ शराब पीना – जो उन्हें फायदा नहीं, बल्कि नुकसान दे रही थीं।

छोटी चीज़ों को खास बनाएँ

सुबह चाय बनाते समय मन में एक सकारात्मक सोच जोड़ देना, बिस्तर ठीक करते समय शांति का अनुभव करना – ये सब छोटे लेकिन शक्तिशाली रिचुअल हैं।

जब हम रोज़मर्रा के कामों को अर्थ देना शुरू करते हैं, तो वे बोझ नहीं, बल्कि आत्म-देखभाल बन जाते हैं।

दिन के अंत को भी सम्मान दें

वर्क फ्रॉम होम करने वालों के लिए काम खत्म होने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं होता। लैपटॉप बंद करना, टेबल साफ करना, कमरे का दरवाज़ा बंद करना – ये सब काम से जीवन में लौटने के रिचुअल हो सकते हैं।

एरिन हफ्ते में कुछ दिन नहाने के टब में किताब पढ़ते हुए दिन का समापन करती हैं – यह उनका “शांत होने का रिचुअल” है।

रिचुअल ज़िंदगी देखने का नज़रिया बदल देते हैं

जब आप अपने पलों को खास बनाना शुरू करते हैं, तो ज़िंदगी बोझ नहीं, अनुभव बन जाती है।

लेखिका कहती हैं – उन्होंने देखा कि जब कामों को मजबूरी नहीं, बल्कि अपनी पसंद का चुनाव मानकर किया, तो वही काम सुख देने लगे।

और यही कारण है कि उनका साल-अंत लंच अब सिर्फ क्रिसमस तक सीमित नहीं – वे उसे और जल्दी दोहराने का फैसला कर चुकी हैं।

क्योंकि रिचुअल किसी एक दिन के लिए नहीं होते – वे पूरी ज़िंदगी को रोशन करते हैं।

(प्रस्तुति -अर्चना शैरी)

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles