WPL 2026: प्रतिभा, पावर-हिटिंग और रफ्तार का तूफान: WPL 2026 में उभरती पांच नई खिलाड़ी जो बदल देंगी महिला क्रिकेट का भविष्य
महिला प्रीमियर लीग बहुत तेज़ी से भारत में उभरती महिला क्रिकेट प्रतिभाओं का सबसे बड़ा मंच बन चुकी है। WPL 2026 का सीजन एक नई पीढ़ी की उन युवा सितारों को सामने लाने जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट की दिशा और दशा दोनों तय करेंगी। इस बार लीग में किशोर बल्लेबाज़ी सनसनी से लेकर विस्फोटक मिडिल-ऑर्डर हिटर, एक ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज़ और घरेलू क्रिकेट से निकली मेहनती बल्लेबाज़ों तक, कई नए चेहरे नजर आएंगे।
यहां वे पांच खिलाड़ी हैं, जो WPL 2026 में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाली हैं:
दीया यादव – दिल्ली कैपिटल्स
दीया यादव ने साल 2023 में पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा, जब उन्होंने अंडर-15 एकदिवसीय चैंपियनशिप में हरियाणा की ओर से त्रिपुरा के खिलाफ नाबाद 213 रनों की तूफानी पारी खेली। केवल 125 गेंदों में लगाए गए इस दोहरे शतक के बाद से ही उनका नाम भारतीय क्रिकेट के टैलेंट स्काउट्स की प्राथमिक सूची में शामिल हो गया।
महज़ 16 साल की उम्र में दीया ने हरियाणा और नॉर्थ ज़ोन की टीमों के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी टाइमिंग, क्लीन स्ट्रोक-प्ले और तेज़ी से निखरती पावर-हिटिंग तकनीक ने WPL कोचिंग स्टाफ को खासा प्रभावित किया है। हाल ही में वह हरियाणा की अंडर-23 खिताब जीतने वाली टीम का अहम हिस्सा रहीं और उन्हें 2027 में होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए भारत की सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है।
गोंगाडी त्रिशा – यूपी वॉरियर्ज़
हैदराबाद की मशहूर सेंट जॉन्स कोचिंग फाउंडेशन से निकली त्रिशा उसी अकादमी की देन हैं, जिसने वीवीएस लक्ष्मण और मिताली राज जैसे दिग्गजों को तैयार किया है। वह तकनीकी रूप से बेहद सशक्त टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ के रूप में जानी जाती हैं।
त्रिशा ने महज़ आठ साल की उम्र में अंडर-16 क्रिकेट में पदार्पण किया और फिर अंडर-19 तथा अंडर-23 स्तर तक शानदार निरंतरता के साथ अपनी जगह बनाई। साल 2024 में भारत की यूथ वर्ल्ड कप जीत के दौरान उन्होंने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता और इस प्रतियोगिता में शतक लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं। उन्होंने 309 रन बनाए, उनका औसत 77.25 रहा और साथ ही लेग-स्पिन से सात विकेट भी लिए, जिससे वह यूपी वॉरियर्ज़ के लिए एक पूर्ण ऑल-राउंडर के रूप में उभरी हैं।
गौतमी नाइक – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
27 वर्षीय गौतमी नाइक की WPL में एंट्री वर्षों की मेहनत, धैर्य और घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन का नतीजा है। महाराष्ट्र से करियर शुरू करने के बाद, कोविड के बाद सीमित मौकों के चलते उन्होंने नागालैंड का रुख किया, जहां उन्होंने टीम को प्लेट ग्रुप से एलिट डिवीजन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
पुणे में हुए एक प्रदर्शनी मैच के दौरान पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे की नज़र उनकी बल्लेबाज़ी पर पड़ी, जिसके बाद उन्हें मुंबई इंडियंस के ट्रायल मिले और फिर वह बड़ौदा चली गईं। बड़ौदा के लिए दो बेहतरीन सीजन खेलने के बाद उन्होंने महाराष्ट्र में वापसी की और महिला MPL में रत्नागिरी जेट्स के लिए स्मृति मंधाना के साथ ओपनिंग की। यहीं से वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की रडार पर मजबूती से आ गईं।
मिली इलिंगवर्थ – मुंबई इंडियंस
ऑस्ट्रेलिया की तेज़ गेंदबाज़ मिली इलिंगवर्थ मुंबई इंडियंस के गेंदबाज़ी आक्रमण में जबरदस्त रफ्तार जोड़ेंगी। वह लगातार 115 किमी/घंटा से अधिक की गति से गेंदबाज़ी करने की क्षमता रखती हैं और दक्षिण अफ्रीका की तेज़ गेंदबाज़ शबनिम इस्माइल को अपना आदर्श मानती हैं, जिनके साथ वह इस सीजन एक ही ड्रेसिंग रूम साझा करेंगी।
हालांकि, उनका करियर कुछ गंभीर चोटों से प्रभावित रहा है, जिसमें पीठ की स्ट्रेस फ्रैक्चर भी शामिल है। शुरुआती नीलामी में अनसोल्ड रहने के बाद, उन्हें एक्सेलरेटेड राउंड में WPL कॉन्ट्रैक्ट मिला और उन्होंने WBBL में 3/19 के शानदार प्रदर्शन के साथ अपनी पहचान बनाई, जिसमें उन्होंने मारिज़ान कप्प जैसी स्टार बल्लेबाज़ को आउट किया।
अनुष्का शर्मा – गुजरात जायंट्स
22 वर्षीय अनुष्का शर्मा एक विस्फोटक मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज़ और उपयोगी ऑफ-स्पिन गेंदबाज़ हैं। वह मध्य प्रदेश से निकलने वाली नई पीढ़ी की उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनमें पूजा वस्त्राकर, क्रांति गौड़, संस्कृति गुप्ता और वैष्णवी शर्मा जैसे नाम पहले ही चमक चुके हैं।
BCCI इंटर-जोनल टूर्नामेंट में अनुष्का ने पांच पारियों में 155 रन बनाकर तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने मध्य प्रदेश महिला लीग में बुंदेलखंड बुल्स के लिए खेलते हुए भी अपनी पावर-हिटिंग क्षमता की झलक दिखाई। गुजरात जायंट्स के लिए अनुष्का मिडिल ऑर्डर की वह बल्लेबाज़ साबित हो सकती हैं, जो मैच का रुख पलटने की ताकत रखती हैं।
(प्रस्तुति – अर्चना शैरी)



