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Valentine’s Day: नफरत क्यों थी अरस्तु को वैलेन्टाइन्स डे से ?

Valentine’s Day: दुनिया के महान दार्शनिकों में से एक अरस्तु वैलेन्टाइन्स डे के विरोधी थे..उनका अपना कारण था इस विरोध का..

वैलेंटाइन डे के इस दौर में, जहाँ महंगे तोहफों और दिखावे का शोर है, अरस्तू (Aristotle) के विचार किसी ठंडी हवा के झोंके की तरह हैं। अरस्तू का मानना था कि प्यार कोई एक दिन का ‘शो’ नहीं, बल्कि एक जीवन भर चलने वाली ‘साधना’ है।

प्यार: एक दिखावा नहीं, एक अभ्यास

आजकल वैलेंटाइन डे का मतलब है—महंगे रेस्टोरेंट, लाल गुलाब और सोशल मीडिया पर परफेक्ट सेल्फी। हम ये सब इसलिए करते हैं ताकि अपना प्यार ‘साबित’ कर सकें। लेकिन अरस्तू के लिए, यह प्यार का सही स्वरूप नहीं है। उनके अनुसार, सच्चा प्यार तीव्र जुनून या साल में एक दिन किए गए बड़े वादों में नहीं, बल्कि अपने साथी को उसका ‘बेहतर संस्करण’ (best version) बनाने में मदद करने की निरंतर प्रतिबद्धता में है।

प्यार के 5 कदम: अपने साथी को ‘दूसरा स्व’ (Another Self) मानना

अरस्तू का एक प्रसिद्ध विचार है कि हमें खुद से सबसे ज्यादा प्यार करना चाहिए। इसका मतलब स्वार्थ नहीं, बल्कि यह है कि जब आप खुद का भला करना सीख जाते हैं, तभी आप किसी और का भला कर पाते हैं। उन्होंने प्यार को 5 हिस्सों में बांटा:

हित की कामना: जैसे आप अपना भला चाहते हैं, वैसे ही अपने साथी के हितों को बढ़ावा दें।

सुरक्षा: जैसे आप अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हैं, वैसे ही उनके सुकून और सुरक्षा के लिए काम करें।

साथ का आनंद: सिर्फ डेट्स नहीं, बल्कि साथ बिताए बीते कल और आने वाले कल की यादों और योजनाओं में खुशी ढूंढें।

अच्छे जीवन का लक्ष्य: केवल सतही इच्छाएं नहीं, बल्कि एक ऐसा जीवन जिएं जो तर्कसंगत, नैतिक और अर्थपूर्ण हो।

सुख-दुख की साझेदारी: उनके दर्द को अपना दर्द और उनकी खुशी को अपनी खुशी समझें।

मालिकाना हक नहीं, जुड़ाव

जब अरस्तू कहते हैं कि प्रेमी ‘मेरा’ है, तो उनका मतलब कब्जे (possession) से नहीं है। वे कहते हैं जैसे ‘उंगली हाथ का हिस्सा है’, वैसे ही प्रेमी एक-दूसरे के जीवन का हिस्सा हैं। आप अपने साथी के मालिक नहीं हैं, बल्कि आप दोनों मिलकर एक ‘साझा जीवन’ बनाते हैं।

प्यार एक ‘हुनर’ (Skill) है

अरस्तू के अनुसार, प्यार कोई ऐसी भावना नहीं है जो बस ‘हो जाती है’। यह एक हुनर है जिसे सीखना पड़ता है। जैसे एक बढ़ई लकड़ी से मेज बनाता है, वैसे ही एक प्रेमी खुद को बेहतर बनाता है ताकि वह अपने साथी के लिए श्रेष्ठ साबित हो सके।

अरस्तू का प्रसिद्ध कथन: “एक चिड़िया के आने से वसंत नहीं आता।”

इसका अर्थ है कि एक जादुई रात या एक महंगा तोहफा आपके प्यार का सबूत नहीं है। सच्चा प्यार वह है जो समय के साथ, हर दिन के छोटे-छोटे व्यवहार और देखभाल से साबित होता है।

सदा की भाँति इस वैलेंटाइन डे पर भी अरस्तू की सलाह यही है कि महंगे तोहफों के बजाय, खुद को एक बेहतर इंसान बनाने का संकल्प लें और अपने साथी की तरक्की में उसका साथ दें।

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