7.8 C
New York
Thursday, January 15, 2026

Buy now

spot_img

Story by Parveen: प्रथम प्रभात मधुयामिनी के बाद

Story by Parveen: सिया को बचपन से सुबह देर तक सोने की आदत थी। लेकिन माँ ने सिखाया था—“शादी के बाद ससुराल में पहली सुबह जल्दी उठना चाहिए!”..

 

रात भर की थकान के बाद जब आँखें खुलीं, तो घड़ी सुबह के सात बजा रही थी। कमरे में हल्की सी सुनहरी धूप छनकर आ रही थी, और हल्की-हल्की चाय की ख़ुशबू हवाओं में घुली थी।

“अरे! मैं अपने मायके में तो नहीं हूँ!”

सिया ने चौंककर इधर-उधर देखा। दीवार पर टंगे अनजाने तस्वीरें, नया बेडशीट, और सिरहाने रखा मंगलसूत्र—सबकुछ याद दिला रहा था कि अब वह अपने ससुराल में है।

सिया को बचपन से सुबह देर तक सोने की आदत थी। लेकिन माँ ने सिखाया था—“शादी के बाद ससुराल में पहली सुबह जल्दी उठनी चाहिए!”

बिस्तर छोड़ते हुए वह सोचने लगी—“अभी तक कोई जगाने क्यों नहीं आया? मुझे चाय बनानी चाहिए या पहले तैयार होना चाहिए?”

वह धीरे-धीरे उठी और अलमारी से एक हल्की गुलाबी साड़ी निकाल ली। माँ ने शादी के पहले ही दिन के लिए इसे अलग से पैक किया था।

साड़ी का पल्लू संभालते हुए सिया जैसे ही किचन में पहुँची, वहाँ का नज़ारा देखकर हैरान रह गई।

सासू माँ पहले से ही गैस पर चाय चढ़ा चुकी थीं!

“अरे सिया बेटा, तुम आराम करो! पहली ही सुबह इतनी जल्दी क्यों उठ गई?” सासू माँ ने प्यार से कहा।

सिया थोड़ा झिझकी, “नहीं मम्मी जी, मैं भी आपकी मदद कर दूँ?”

सासू माँ हंस पड़ीं, “अरे मदद बाद में करना, पहले ये बताओ—चीनी कितनी लोगी?”

सिया थोड़ा हैरान थी। उसे लगा था कि शादी के बाद पहली सुबह से ही किचन की ज़िम्मेदारी उसे संभालनी पड़ेगी, लेकिन यहाँ तो माहौल ही अलग था!

चाय लेकर जब सिया कमरे में लौटी, तो सामने उनका पति, अर्पित, अलमारी के पास खड़ा था। उसने सिया की गुलाबी साड़ी को देखकर मुस्कुरा दिया और मज़ाक में कहा—

“तुम्हें तो सिर्फ़ लाल रंग की साड़ी पहननी थी न, शादी के बाद?”

सिया ने आँखें घुमाईं, “अच्छा? किसने कहा?”

अर्पित हँसते हुए बोला, “फिल्मों में देखा था, नई दुल्हन हमेशा लाल साड़ी में होती है!”

सिया ने शरारत से जवाब दिया, “फिल्मों में तो हीरो शादी के बाद गिफ्ट भी देता है, वो कहाँ है?”

अर्पित ने झट से मोबाइल उठाया और गाना चला दिया—
“तुझे देखा तो ये जाना सनम…”

सिया हंसते-हंसते बोली, “गाना नहीं, गिफ्ट चाहिए!”

अर्पित ने मज़ाकिया अंदाज में तकिया उठाकर उसकी तरफ फेंका और कहा, “गिफ्ट शाम को मिलेगा, पहले ये बताओ कि हमारे घर में रहना कैसा लग रहा है?”

सिया खिड़की से बाहर झांकते हुए बोली, “अभी तो नया-नया लग रहा है… लेकिन हाँ, अच्छा भी लग रहा है!”

दिनभर रिश्तेदारों के फोन आते रहे, नए-नए चेहरे मिलने आए, और हर कोई पूछता रहा—“कैसा लग रहा है नई दुल्हन को?”

शाम को जब सब शांति से बैठे, तो सिया को महसूस हुआ कि शादी का पहला दिन जितना डरावना सोचा था, उतना मुश्किल नहीं था।

सिया ने खुद से कहा—“शादी के बाद सबकुछ बदलता तो है, लेकिन प्यार और अपनापन सब आसान बना देता है।”

और इसी सोच के साथ उसकी शादी के बाद की पहली रात, मुस्कुराहटों के साथ बीत गई।

(परवीन)

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles