मैं भावना ,मेरी सात महीने पहले ही शादी हुई है मैं खुश हूँ इस रिश्ते से , हमारी अरेंज मैरिज है तो मैं अपने पति नील को ज्यादा नहीं जानती । उनके नेचर को भी नहीं पहचानती। अपनी पूरी कोशिश करती हूं कि मैं नील की अपेक्षाओं पर खरी उतरू। कभी -कभी नील मुझे बिल्कुल समझ नहीं पाते हैं ।
मैं क्या चाहती हूं ,मेरी क्या इच्छा है। मुझे क्या पसंद है। मैं भी उनसे खुलकर कुछ नहीं कह पाती क्योंकि मुझे लगता है कि नील कहीं नाराज ना हो जाए । वैसे भी नील छोटी-छोटी बातों पर मुंह फुला लेते हैं अगर कुछ पूछो तो कहेंगे कि तुम खुद पता लगाओ कि मैं किस बात पर नाराज हूं या मेरा मूड क्यों खराब है? अब भला आप ही बताओ कि मैं क्या अंतर्यामी हूं जो बिना बताए ही सब समझ जाऊंगी कभी-कभी तो नील की ऐसी बातों पर मुझे बहुत ही गुस्सा आता है।
आखिर जीवनसाथी ,हमसफर, पति अपनी पत्नी से ही सारी अपेक्षाएं क्यों रखता है ,एक पत्नी की भी अपने पति से बहुत सारी अपेक्षाएं होती है।वो भी अपना घरबार, भाई बहन, रिश्तेनाते,माता पिता सभी को छोड़कर सिर्फ अपने हमसफर के लिए आंखों में नए सपने सजाए हुए आती है ।उसके भी कुछ अरमान होते हैं उसकी भी अपने पति से कुछ अपेक्षाएं होती हैं।
कुछ अपेक्षाएं मेरी भी है मेरे हमसफर जो मैं तुमसे चाहती हूं।
जब भी मुझे उदासी घेरे , तुम मेरी खामोशी को समझ जाओ। सही गलत की बात जब चले तब तुम मेरे अधिकारों का ध्यान रखो।
मैं चाहती हूं तुम अपनी सोच मुझ पर ना थोपो आखिर मेरा भी अपना एक वजूद है। मैं जैसी भी हूं वैसे ही मुझे स्वीकार करो ।मुझे बदलने की कोशिश ना करो ।
मेरे जीवनसाथी , हमसफर तुम हमेशा मेरे दोस्त बनकर रहो ।ऐसी मैं उम्मीद करती हूं क्योंकि दोस्ती का रिश्ता इस दुनिया में सबसे ज्यादा अहमियत रखता है। मुझे मेरे दोस्तों से मिलने की आजादी भी मिलनी चाहिए। ऐसी अपेक्षा रखती हूं आपसे।
एक पत्नी होने के नाते मुझे रूठने का पूरा अधिकार है। मेरे हमसफर मैं आपसे उम्मीद करती हूं कि मेरे रूठने पर मुझे मना लेना । किसी भी बात को बहुत लंबा मत खींचना क्योंकि “तेरा साथ है तो जिंदगी तेरा प्यार है तो रोशनी”।
हर पत्नी चाहती है कि उसका पति उसमें भरपूर दिलचस्पी ले। मैं भी चाहती हूं कि आप भी मुझमें दिलचस्पी दिखाते रहे।
जब भी आप घर से बाहर रहते हो तो अपनी पत्नी को तो जैसे भूल ही जाते हो ।मैं आपसे अपेक्षा रखती हूं कि आप मुझे फोन करें और मेरा हाल चाल पूछे । मैं आपके बिना कैसा महसूस करती हूं आपको यह पता होना चाहिए क्योंकि मैं आपका बेसब्री से घर आने का इंतजार करती हूं।
जिस प्रकार हर पत्नी अपने पति से फाइनेंसियल सुरक्षा की उम्मीद रखती है। मैं भी आपसे अपेक्षा रखती हूं कि मेरे बिना कहे आप मुझे वित्तीय सुरक्षा प्रदान करें।
जिस प्रकार आप अपने माता पिता का सम्मान करते हैं उसी प्रकार अपने सास-ससुर का भी सम्मान करें।
दांपत्य जीवन की बुनियाद पति पत्नी के सुखद संबंधों पर निर्भर करती है इसलिए मैं अपेक्षा करती हूं कि आप हमेशा मुझसे आपसी संवाद बनाकर रखें । हमारे बीच कोई दीवार ना हो और आपसी संबंधों में इमानदारी हो।
जब भी मुझे भावनात्मक सहारे की जरूरत महसूस हो तुम मुझे अपने मजबूत कंधों का सहारा देकर अपने सीने में छुपा लो और मैं मासूम छुईमुई सी बेल की तरह तुमसे लिपट जाऊं।
मेरी आपसे अपेक्षा है की कोई भी निर्णय आप परिवार से सलाह मशवरा करके ले और अपने पारिवारिक दायित्व को पूरी शिद्दत से निभाए।
मेरी आपसे अपेक्षा है कि आप जिंदगी में छोटी-छोटी खुशियों को वरीयता प्रदान करें । जिंदगी के हर लम्हे को भरपूर उल्लास और उमंग के साथ जिए।
हां ,एक बात और जो मैं आप से कहना चाहती कहना चाहती हूं “किसी बात पर, किसी राह में ,किसी मोड़ पर ,कहीं चल ना देना ,तू छोड़कर, मेरे हमसफर, मेरे हमसफर”